नई दिल्ली: QS Top Universities Asia Rankings 2026 जारी हो गई है और इस बार भारत के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है—IIT दिल्ली ने देश की ओर से पहला स्थान हासिल किया है। ग्लोबल लेवल पर इसका प्रदर्शन और भी दमदार रहा है। एशिया में यह 59वें स्थान पर पहुंचकर देश का झंडा बुलंद कर रहा है।
इस साल की रैंकिंग में एशियाई यूनिवर्सिटीज़ के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। टॉप-10 में हॉन्ग-कॉन्ग और सिंगापुर का दबदबा साफ दिखा, जहां University of Hong Kong ने टॉप पोज़िशन अपने नाम की।
एशिया रैंकिंग में भारत का प्रदर्शन
क्यूएस की इस रैंकिंग में भारत के 294 विश्वविद्यालय शामिल हुए। इनमें से 36 यूनिवर्सिटीज़ ने अपनी रैंकिंग में बेहतरीन सुधार दर्ज कराया। सबसे बड़ा उछाल सत्यम्बा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने दिखाया है, जिसने 111 पायदान ऊपर चढ़कर 262वीं रैंक हासिल की।
सरकार की नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 का असर भी इससे जुड़ा माना जा रहा है, जिसके तहत 2035 तक उच्च शिक्षा में छात्रों के एनरोलमेंट को 50% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
🇮🇳 भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़ — QS Asia Rankings 2026 में रैंक
नीचे भारत के प्रमुख संस्थानों की एशिया में स्थिति देखें—
| रैंक | यूनिवर्सिटी |
|---|---|
| 59 | IIT दिल्ली |
| 64 | IISc बेंगलुरु |
| 70 | IIT मद्रास |
| 71 | IIT बॉम्बे |
| 77 | IIT कानपुर |
| 77 | IIT खड़गपुर |
| 95 | दिल्ली विश्वविद्यालय |
| 109 | चंडीगढ़ विश्वविद्यालय |
| 114 | IIT रुड़की |
| 115 | IIT गुवाहाटी |
| 130 | जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) |
| 154 | BITS पिलानी |
| 156 | VIT, वेल्लोर |
| 159 | शूलिनी यूनिवर्सिटी |
| 163 | ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी |
| 163 | UPES |
| 187 | एमिटी यूनिवर्सिटी |
| 187 | लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) |
| 197 | जामिया मिलिया इस्लामिया |
| 200 | सिम्बायोसिस इंटरनेशनल |
| 204 | अन्ना यूनिवर्सिटी |
| 206 | मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन |
| 207 | सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी |
| 214 | जादवपुर यूनिवर्सिटी |
| 220 | कलकत्ता यूनिवर्सिटी |
| 224 | काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) |
| 226 | SRM इंस्टीट्यूट |
| 229 | IIT इंदौर |
| 237 | IIT BHU |
| 245 | मुंबई विश्वविद्यालय |
IITs ने इस बार भी शानदार प्रदर्शन किया है और भारत की साख को मजबूत किया है। खासकर IIT दिल्ली की लीड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत की टेक्निकल एजुकेशन दुनिया में तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ रही है।
NEP 2020 का असर
भारत में तेजी से बदलते शिक्षा ढांचे में NEP 2020 की बड़ी भूमिका देखी जा रही है। इन बदलावों से आने वाले वक्त में भारत की यूनिवर्सिटीज़ का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि
रिसर्च फंडिंग
टेक्निकल स्किल्स
इंडस्ट्री-एकेडेमिक लिंक
इंटरनेशनल कोलैबोरेशन
जैसे क्षेत्रों में फ़ोकस बढ़ने से भारतीय संस्थानों की रैंकिंग और सुधार सकती है।
आगे की राह
QS रैंकिंग में भारत की बढ़ती उपस्थिति और परफॉर्मेंस खासा उत्साहजनक है। देश के 294 विश्वविद्यालयों में से कई निजी और सरकारी संस्थानों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दुनिया को यह बताया कि भारत वैश्विक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत दावेदार है।
IITs के साथ-साथ DU, JNU, BITS, VIT जैसे संस्थानों की रैंकिंग ने इस बार की सूची में भारत की भागीदारी को और भी प्रभावी बनाया है।
अगर रैंकिंग के ट्रेंड को देखें तो भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है, और यह भारत के शिक्षा मॉडल के लिए एक अच्छे संकेत के रूप में देखा जा रहा है।








