Chandra Grahan 2025: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज रात 9:58 बजे लगेगा और भारत में भी दिखाई देगा। ग्रहण की छाया हिंदू धर्म में अशुभ मनी होती है, इसलिए इस समय कुछ निश्चित और सावधानियों का पालन करना जरूरी है। जानें कि चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए और क्या करना चाहिए, साथ ही ब्लड मून कहां और कब देखना चाहिए।
चंद्र ग्रहण के दिन क्या न करें
मूर्ति स्पर्श से बचें: ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होती है। घर के मंदिर को लाल या पीले कपड़े से ढक दें और भगवान की मूर्ति को न छुएं।
पवित्र पेड़ों को न छुएं: बरगद, तुलसी और पीपल के पेड़ों को छूने से बचें।
झगड़ा-विवाद न करें: गुस्सा, विवाद और विवाद— विवाद से बचें; घर को शांत रखें।
नुकीली चीजों का प्रयोग न करें: कैंची, सुई या चाकू का उपयोग न करें; बाल काटना भी अशुभ है।
गर्भवती महिलाएं सावधान रहें: ग्रहण के दौरान बाहर निकलने से बचें और नुकीली चीजें न रखें।
चंद्र ग्रहण के दिन क्या करें
दान का महत्व: चंद्र दोष को दूर करने और पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए चावल, दूध, घी, सफेद कपड़े और चांदी का दान शुभ माना जाता है।
मंत्र जाप करें: विशेष रूप से, शिवजी का महामृत्युंजय मंत्र और चंद्र मंत्र जाप बहुत फायदेमंद होता है।
इष्ट देव का स्मरण: मन और आत्मा को शांति मिलती है जब आप अपने इष्ट देव के मंत्रों को जापते हैं।
धार्मिक पाठ: धार्मिक साहित्य पढ़ना सकारात्मकता बढ़ाता है।
ग्रहण के बाद स्नान: खाना खाने के बाद स्नान करना अनिवार्य है; इससे निराशा दूर होती है।
भारत में कब और कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?
शुरुआत: रात 09:58 बजे
समापन: देर रात 01:26 बजे
पूर्ण चंद्र (ब्लड मून): 11:00 बजे से 12:22 बजे तक
मुख्य शहर: यह हर जगह देखने को मिलेगा—दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर, लखनऊ, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि, कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, भोपाल, नागपुर और रायपुर।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें। वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण का मानव स्वास्थ्य या घटनाओं पर सीधा प्रभाव सिद्ध नहीं है; धार्मिक/परंपरागत पालन वैयक्तिक आस्था का विषय है।








