वाराणसी: भारतीय रेलवे के लिए आजादी के जश्न पर एक अनोखा तोहफा मिला है। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW), जिसे बरेका (Bareka) भी कहा जाता है, ने देश का पहला removable solar panel system सक्रिय रेलवे ट्रैक के बीच लगाया है। यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे की ग्रीन एनर्जी पहल का हिस्सा है और भविष्य में इसे पूरे नेटवर्क पर लागू किया जा सकता है।
BLW या बरेका क्या है?
BLW भारतीय रेलवे की प्रीमियर लोकोमोटिव निर्माण इकाई है, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित है। 1956 में स्थापित यह यूनिट आज देश की रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम स्तंभ है और लगातार इनोवेशन के लिए जानी जाती है।
रेलवे ट्रैक के बीच पहली बार सोलर पैनल
BLW वर्कशॉप की लाइन नंबर 19 पर 28 bifacial monocrystalline solar panels लगाए गए हैं। ये करीब 70 मीटर तक फैले हुए हैं और इनकी कुल क्षमता 15 kWp है। खास बात यह है कि इन्हें concrete sleepers पर एक इंडिजेनस तकनीक से लगाया गया है, जिससे ट्रैक मेंटेनेंस के समय इन्हें आसानी से हटाया जा सकता है।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
पैनल्स को rubber mounting pads से फिट किया गया है, जो गुजरती ट्रेनों के वाइब्रेशन को सोखते हैं।
इन्हें epoxy adhesive से कंक्रीट स्लीपर्स पर मजबूती से जोड़ा गया है।
जरूरत पड़ने पर ये आसानी से हटाए जा सकते हैं और दोबारा लगाए जा सकते हैं।
PR अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि इंजीनियर्स ने रेलवे ट्रैक के खाली हिस्सों को बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल करने का यह अनोखा तरीका निकाला है।
ग्रीन एनर्जी की ओर कदम
यह पहल BLW की मौजूदा रूफटॉप सोलर पावर प्लांट्स को भी सपोर्ट करेगी और भारतीय रेलवे की सस्टेनेबल एनर्जी दिशा में एक बड़ी छलांग है।
BLW की उपलब्धियां
2024-25 में BLW ने रिकॉर्ड 477 लोकोमोटिव बनाए।
अब तक 11 देशों (जैसे मोज़ाम्बिक, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, वियतनाम आदि) को 174 लोकोमोटिव एक्सपोर्ट किए।
2018 में 12,000 HP वाला WAG-11 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बनाया।
2019 में देश का पहला bi-mode locomotive WDAP-5 पेश किया।
हाल ही में मोज़ाम्बिक रेलवे ने BLW को 3300 HP AC-AC डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट दिया।
अवॉर्ड्स और सम्मान
Loco Cab Design Award (42वें MSG मीटिंग में)
Best Production Unit Shield (2016, 2017, 2018 लगातार 3 बार)
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