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कोलंबियाई राष्ट्रपति उम्मीदवार मिगुएल उरिबे पर हमला

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कोलंबियाई राष्ट्रपति उम्मीदवार मिगुएल उरिबे पर हमला
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बोगोटा में एक चुनावी रैली के दौरान कोलंबिया के संभावित राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सीनेटर मिगुएल उरिबे तुर्बे (Miguel Uribe)  पर शनिवार, 7 जून 2025 को गोलीबारी की गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना देश के राजनीतिक इतिहास में एक और हिंसक मोड़ साबित हुई है, जो कोलंबिया के राजनीतिक परिदृश्य की जटिलताओं और चुनौतियों को उजागर करती है।

39 वर्षीय उरिबे, जो दक्षिणपंथी विपक्षी डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी के प्रमुख सदस्य हैं, बोगोटा के फोंटिबोन इलाके में एक सार्वजनिक पार्क में चुनावी अभियान चला रहे थे जब उन पर पीछे से गोलियां चलाई गईं। इस हमले ने न केवल कोलंबिया में बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका में राजनीतिक हिंसा के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

घटना के तुरंत बाद उरिबे को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उनकी पत्नी मारिया क्लाउडिया ताराजोना ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में कहा, “मिगुएल अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं,” जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने पुष्टि की है कि इस हमले के संबंध में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस घटना में 15 वर्षीय एक किशोर को हथियार के साथ मौके पर ही पकड़ा गया था। हालांकि, अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस हमले में अन्य लोग भी शामिल थे। सरकार ने इस मामले में जानकारी के लिए लगभग 730,000 डॉलर का इनाम भी घोषित किया है।

उरिबे एक प्रतिष्ठित कोलंबियाई परिवार से आते हैं। उनके पिता एक व्यवसायी और श्रमिक संघ के नेता थे, जबकि उनकी मां, प्रसिद्ध पत्रकार डायना तुर्बे को 1990 में कुख्यात ड्रग तस्कर पाब्लो एस्कोबार के नेतृत्व वाले एक सशस्त्र समूह द्वारा अपहरण कर लिया गया था। 1991 में एक बचाव अभियान के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इस प्रकार, उरिबे परिवार का कोलंबिया के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है।

वाशिंगटन से, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक बयान में उरिबे पर हुए हमले की “सबसे कड़े शब्दों में” निंदा की है। रूबियो ने कोलंबिया के वर्तमान वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की “भड़काऊ बयानबाजी” को इस हिंसा का कारण बताया है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

राष्ट्रपति पेट्रो ने इस घटना के बाद एक संदेश में सीनेटर के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा, “मुझे नहीं पता कि मैं आपके दर्द को कैसे कम कर सकता हूं। यह एक मां का खोया हुआ दर्द है, और एक मातृभूमि का दर्द भी।” राष्ट्रपति के इस बयान को कोलंबिया की राजनीतिक विभाजनों के बीच एकता का संदेश माना जा रहा है।

कोलंबिया की राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान जारी करके इस हिंसक हमले की “पूरी तरह से और दृढ़ता से” निंदा की है और घटना की पूरी जांच का आह्वान किया है।

मिगुएल उरिबे अभी आधिकारिक तौर पर अपनी पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं हैं, लेकिन वे 2026 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए अपना अभियान चला रहे थे। वे पूर्व राष्ट्रपति अल्वारो उरिबे द्वारा स्थापित डेमोक्रेटिक सेंटर पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं, हालांकि दोनों में कोई रिश्तेदारी नहीं है।

यह हमला कोलंबिया के लिए कोई नई बात नहीं है, जहां दशकों से वामपंथी विद्रोहियों, दक्षिणपंथी अर्धसैनिक बलों से निकले आपराधिक समूहों और सरकार के बीच संघर्ष चलता रहा है। देश का इतिहास राजनीतिक हिंसा से भरा हुआ है, जिसमें कई प्रमुख राजनीतिक हत्याएं शामिल हैं।

मिगुएल उरिबे अपने कट्टर दक्षिणपंथी विचारों और वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की आलोचना के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में पेट्रो सरकार द्वारा प्रस्तावित श्रम सुधार जनमत संग्रह के खिलाफ मतदान किया था, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति और भी मजबूत हुई थी।

सांता फे फाउंडेशन अस्पताल से जारी एक मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, सीनेटर उरिबे को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है और वे “न्यूरोसर्जिकल और पेरिफेरल वैस्कुलर प्रोसीजर” से गुजर रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों में उरिबे को खून से सने हुए दिखाया गया है, जिन्हें कई लोग पकड़े हुए हैं।

इस हमले में उरिबे के अलावा दो अन्य व्यक्ति भी घायल हुए हैं, जिनकी पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। यह घटना कोलंबिया के आगामी राष्ट्रपति चुनावों के संदर्भ में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां देश पहले से ही राजनीतिक विभाजन का सामना कर रहा है।

कोलंबिया के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस हमले का देश के राजनीतिक परिदृश्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यह घटना न केवल उरिबे के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को प्रभावित करेगी, बल्कि इससे दक्षिणपंथी विपक्ष और वामपंथी सरकार के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हमले कोलंबिया में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करते हैं और देश की राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देते हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और कोलंबिया में शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की अपील की है।

कोलंबियाई नागरिक समाज के विभिन्न वर्गों से भी इस हमले की व्यापक निंदा हुई है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उरिबे के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना की है और राजनीतिक हिंसा के खिलाफ एकजुटता दिखाई है।

बोगोटा के मेयर ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।

यह घटना कोलंबिया के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। देश में राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभियान अभी शुरुआती चरण में है, और इस तरह के हमले चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगले कुछ दिन कोलंबिया के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

इस बीच, कोलंबिया के अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस हमले की निंदा की है और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एकजुटता दिखाई है। यह एकजुटता कोलंबिया के लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जहां राजनीतिक विभाजन अक्सर गहरे और हिंसक होते हैं।

उरिबे के समर्थकों ने बोगोटा के सांता फे अस्पताल के बाहर एकत्रित होकर मोमबत्तियां जलाई हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है। इस घटना ने कोलंबियाई समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाया है, जो अन्यथा राजनीतिक रूप से विभाजित हैं।

कोलंबिया के इतिहास में राजनीतिक हिंसा का लंबा इतिहास रहा है। 1980 और 1990 के दशक में, कोलंबिया में ड्रग कार्टेल और राजनीतिक हिंसा का बोलबाला था। पाब्लो एस्कोबार जैसे ड्रग लॉर्ड्स ने देश की राजनीति को प्रभावित किया और कई राजनीतिक हत्याओं को अंजाम दिया।

हालांकि, पिछले कुछ दशकों में कोलंबिया ने काफी प्रगति की है और अपेक्षाकृत अधिक स्थिर लोकतंत्र बनाया है। 2016 में, तत्कालीन राष्ट्रपति जुआन मैनुअल सांतोस ने देश के सबसे पुराने विद्रोही समूह, रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया (फार्क) के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे दशकों के संघर्ष का अंत हुआ।

हालांकि, देश में अभी भी कई चुनौतियां हैं, जिनमें अन्य सशस्त्र समूहों की मौजूदगी, ड्रग तस्करी और सामाजिक असमानता शामिल हैं। इन मुद्दों ने राजनीतिक विभाजन को और बढ़ा दिया है, जिससे हिंसा की संभावना बढ़ जाती है।

मिगुएल उरिबे पर हमला इस बात का एक स्पष्ट संकेत है कि कोलंबिया में राजनीतिक हिंसा अभी भी एक गंभीर चिंता का विषय है। यह घटना न केवल कोलंबिया के लिए, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका के लिए एक चेतावनी है, जहां कई देश राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का सामना कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कोलंबिया में शांति और स्थिरता की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी राज्यों के संगठन (ओएएस) जैसे संगठनों ने इस हमले की निंदा की है और कोलंबिया में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के समर्थन की पुष्टि की है।

कोलंबियाई समाज के सामने अब यह चुनौती है कि वह इस हिंसक घटना से कैसे उबरे और अपने लोकतंत्र को मजबूत करे। राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ, कोलंबिया इस चुनौती का सामना कर सकता है और एक अधिक शांतिपूर्ण और समावेशी राजनीतिक वातावरण का निर्माण कर सकता है।

जैसे-जैसे सीनेटर उरिबे के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी सामने आती है, कोलंबिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय सांस रोके इंतजार कर रहे हैं। उनके परिवार ने सभी कोलंबियाई लोगों से उनके लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है, जिससे इस कठिन समय में राष्ट्रीय एकता की भावना पैदा हुई है।

मिगुएल उरिबे की राजनीतिक यात्रा उनके व्यक्तिगत अनुभवों से गहराई से प्रभावित रही है। अपनी मां की त्रासदीपूर्ण मौत के बाद, उन्होंने अपना जीवन कोलंबिया में न्याय और सुरक्षा की वकालत करने के लिए समर्पित कर दिया। बोगोटा के पूर्व मेयर और अब एक प्रभावशाली सीनेटर के रूप में, उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

यह घटना कोलंबिया के राजनीतिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। आगामी दिनों और हफ्तों में, यह देखना होगा कि इस हमले का देश की राजनीति और समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है।

कोलंबिया के लोगों के सामने अब एक चुनौती है – वे अपने मतभेदों को एक तरफ रखकर हिंसा के खिलाफ एकजुट हों और अपने लोकतंत्र की रक्षा करें। मिगुएल उरिबे पर हमला न केवल एक व्यक्ति पर हमला है, बल्कि यह कोलंबिया के लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं पर भी हमला है।

जैसा कि कोलंबिया इस संकट से निपटने की कोशिश कर रहा है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। दुनिया भर के देशों से समर्थन और एकजुटता कोलंबिया को इस कठिन समय से उबरने में मदद कर सकती है।

लेखक

  • Nalini Mishra

    नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञता

    नलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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नलिनी मिश्रा

नलिनी मिश्रा: डिजिटल सामग्री प्रबंधन में विशेषज्ञतानलिनी मिश्रा डिजिटल सामग्री प्रबंधन की एक अनुभवी पेशेवर हैं। वह डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कुशलतापूर्वक काम करती हैं और कंटेंट स्ट्रैटेजी, क्रिएशन, और प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं

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