बेंगलुरु: भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु की सड़कों पर हर दिन लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं। अक्सर हम देखते हैं कि सड़कों पर चलते समय बड़े तो हेलमेट पहन लेते हैं, लेकिन उनके साथ बैठे बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी जाती है। इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए दिग्गज इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ather Energy ने एक शानदार पहल की है। एथर ने बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के साथ हाथ मिलाया है और सुरक्षा की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए 100 बच्चों के हेलमेट दान किए हैं।
सुरक्षा के प्रति एथर की नई सोच
आज के दौर में जहाँ कंपनियां सिर्फ मुनाफा कमाने पर ध्यान देती हैं, वहीं एथर एनर्जी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए यह अभियान शुरू किया है। कंपनी ने बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस को विशेष रूप से डिजाइन किए गए बच्चों के हेलमेट सौंपे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को जागरूक करना है कि सड़कों पर उनके नौनिहालों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। अक्सर ट्रैफिक सिग्नल पर छोटे बच्चों को बिना हेलमेट के सफर करते देखना एक डरावना अनुभव होता है, और इसी स्थिति को बदलने के लिए यह डोनेशन ड्राइव आयोजित की गई।
कानून और जागरूकता का मेल
भारत में सड़क सुरक्षा नियमों (CMVR) के अनुसार, 4 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए हेलमेट पहनना अब अनिवार्य है। हालांकि, कड़े नियमों के बावजूद कई लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने एथर एनर्जी के इस प्रयास की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये 100 हेलमेट उन बच्चों के बीच वितरित किए जाएंगे या जागरूकता कार्यक्रमों में उपयोग किए जाएंगे, जहाँ अभिभावकों को सीधे तौर पर सुरक्षा के प्रति प्रेरित किया जा सके।
पुलिस का मानना है कि इस तरह के सहयोग से जनता में यह संदेश जाता है कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अनमोल जीवन बचाने के लिए है।
क्यों खास हैं ये बच्चों के हेलमेट?
एथर द्वारा दान किए गए ये हेलमेट सामान्य हेलमेट से अलग हैं। इन्हें बच्चों के सिर की बनावट और वजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अक्सर बच्चों को बड़ों के हेलमेट पहना दिए जाते हैं, जो उनके लिए भारी और असुरक्षित होते हैं। एथर द्वारा दिए गए ये हेलमेट ISI मानकों के अनुरूप हैं और बच्चों को दुर्घटना के दौरान सिर की गंभीर चोटों से बचाने में सक्षम हैं।
सड़कों पर बढ़ता खतरा और जिम्मेदारी
बेंगलुरु जैसे महानगर में ट्रैफिक की डेंसिटी काफी ज्यादा है। आए दिन होने वाली छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं में सिर की चोट सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होती है। एथर एनर्जी के प्रतिनिधियों ने इस मौके पर कहा, “हम केवल वाहन नहीं बेचते, हम सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना चाहते हैं। सड़कों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
कंपनी की इस पहल को सोशल मीडिया पर भी खूब समर्थन मिल रहा है। लोग इसे एक ‘गेम-चेंजर’ कदम बता रहे हैं, जो भविष्य में अन्य कंपनियों को भी इस तरह के सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित करेगा।
समाज के लिए एक बड़ा संदेश
सड़क सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। जब एथर जैसी कॉर्पोरेट कंपनियां आगे आकर 100 बच्चों के हेलमेट दान जैसी पहल करती हैं, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत होती है। यह कदम बेंगलुरु की सड़कों को बच्चों के लिए थोड़ा और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
अगली बार जब आप अपने बच्चे के साथ टू-व्हीलर पर निकलें, तो याद रखें कि उनकी सुरक्षा आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। एक छोटा सा हेलमेट किसी बड़े हादसे को टालने की ताकत रखता है।
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