डीडवाना। राजस्थान के डीडवाना जिले से एक बड़ी और गर्व करने वाली खबर सामने आ रही है। अब जिले के प्रमुख रास्तों और चौराहों पर हमारे वीर शहीदों का नाम चमकेगा। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने एक बेहद अहम फैसला लेते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिले के प्रमुख मार्गों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
कलेक्टर की बैठक में एक्शन मोड: 7 दिन का अल्टीमेटम
सप्ताह की शुरुआत में हुई इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत काफी सख्त नजर आए। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि ‘संपर्क पोर्टल’ पर लोगों की जो भी शिकायतें पेंडिंग हैं, उनका निस्तारण अगले 7 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जनता के कामों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपस में तालमेल (Coordination) बनाकर काम करने और राज्य सरकार के लक्ष्यों को 100% पूरा करने की बात कही।
सड़क सुरक्षा पर सख्ती: चालान ही नहीं, कार्रवाई भी होगी
सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को कड़े निर्देश दिए हैं। वर्तमान में चल रहे ‘सड़क सुरक्षा माह’ के तहत यातायात नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब और भी सख्ती बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि नियम तोड़ना सिर्फ जुर्माना भरने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
आचार्य महाश्रमण के कार्यक्रम की तैयारियां तेज
डीडवाना के छोटी खाटू में 20 जनवरी से आचार्य महाश्रमण जी का बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इसे लेकर प्रशासन अभी से अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी, सफाई और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।
बैठक में ये दिग्गज रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर के साथ अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया, एसडीएम विकास मोहन भाटी, नगर परिषद आयुक्त भगवान सिंह और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नरेंद्र चौधरी समेत जिले के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। राजस्व मामलों से लेकर बजट घोषणाओं तक, हर बिंदु पर बारीकी से समीक्षा की गई।
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