आज के दौर में बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं हैं। लेकिन अक्सर आर्थिक तंगी के कारण कई माता-पिता उनकी पढ़ाई या भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। आपकी इसी चिंता को दूर करने के लिए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें कई शानदार योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का मकसद न केवल बेटियों को शिक्षित करना है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है।
अगर आपके घर में भी नन्ही परी ने जन्म लिया है, तो आप इन 4 सरकारी स्कीमों का फायदा उठाकर उसका भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन योजनाओं की पूरी डिटेल:
1. मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना देश की सबसे लोकप्रिय स्कीमों में से एक है। साल 2007 में शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य बेटियों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव लाना है।
कैसे मिलता है पैसा: रजिस्ट्रेशन के बाद सरकार लगातार 5 साल तक लाड़ली लक्ष्मी फंड में ₹6000 जमा करती है।
शिक्षा के लिए मदद: जब बेटी कक्षा 6, 9, 11 और 12 में प्रवेश लेती है, तो उसे अलग-अलग चरणों में वित्तीय सहायता दी जाती है।
बंपर रिटर्न: जब बेटी 21 साल की हो जाती है और उसने 12वीं की परीक्षा दे दी होती है, तो उसे एकमुश्त ₹1 लाख की बड़ी राशि दी जाती है। यह पैसा उसकी उच्च शिक्षा या शादी में बहुत काम आता है।
2. माझी कन्या भाग्यश्री स्कीम (महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र सरकार ने उन परिवारों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है जो अपनी बेटियों को पढ़ाना चाहते हैं। इस योजना के तहत न सिर्फ आर्थिक मदद मिलती है, बल्कि सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाता है।
बीमा और खाता: इस स्कीम के तहत बेटी और मां के नाम पर एक जॉइंट अकाउंट खोला जाता है। इसमें ₹1 लाख का दुर्घटना बीमा और ₹5000 का ओवरड्राफ्ट लाभ भी मिलता है।
नसबंदी पर प्रोत्साहन: यदि माता-पिता एक बेटी के जन्म के बाद नसबंदी (Sterilization) कराते हैं, तो उन्हें ₹50,000 की सहायता मिलती है। वहीं, दो बेटियों के बाद नसबंदी कराने पर प्रत्येक बेटी के नाम पर ₹25,000 जमा किए जाते हैं।
3. सीबीएसई उड़ान स्कीम (CBSE Udaan Scheme)
यह योजना उन बेटियों के लिए वरदान है जो इंजीनियरिंग या तकनीकी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। सीबीएसई द्वारा चलाई जाने वाली इस स्कीम का मुख्य फोकस शिक्षा पर है।
क्या है खास: कक्षा 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को इसके तहत मुफ्त ऑनलाइन कोर्स मटीरियल दिया जाता है।
स्पेशल क्लासेज: छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वर्चुअल वीकेंड क्लास और स्टडी असिस्टेंस भी मुहैया कराई जाती है, ताकि वे बड़े कॉलेजों में दाखिला ले सकें।
4. मुख्यमंत्री राजश्री योजना (राजस्थान)
राजस्थान सरकार ने साल 2008 में ‘मुख्यमंत्री राजश्री योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में गिरते लिंगानुपात को सुधारना और बालिकाओं को स्कूलों से जोड़ना है।
कुल सहायता: बेटी के जन्म से लेकर उसके स्नातक (Graduation) होने तक सरकार कुल ₹50,000 की वित्तीय मदद चरणों में प्रदान करती है।
किस्तों में भुगतान: यह राशि बेटी के जन्म, टीकाकरण, स्कूल में दाखिले और फिर कॉलेज की पढ़ाई के समय किस्तों में दी जाती है, ताकि माता-पिता पर बोझ न पड़े।
निष्कर्ष
इन योजनाओं का लाभ उठाकर आप अपनी बेटी को एक सशक्त भविष्य दे सकते हैं। यदि आप इन राज्यों के निवासी हैं, तो संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र/सरकारी दफ्तर में संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को उपलब्ध स्रोतों से सत्यापित करें।








