नई दिल्ली: अगर आप नए साल में घर के लिए नया एयर कंडीशनर (AC), फ्रिज या रसोई के लिए नए बर्तन और उपकरण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में आपकी रसोई से लेकर बेडरूम तक की कई जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ने वाली हैं। इस महंगाई के पीछे कोई और नहीं, बल्कि दो खास मेटल— एल्युमीनियम और कॉपर (तांबा) हैं।
इन दोनों धातुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई भारी तेजी ने मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की नींद उड़ा दी है। अब कंपनियां इस बढ़े हुए बोझ को ग्राहकों पर डालने की तैयारी कर रही हैं, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
क्यों बढ़ रहे हैं एल्युमीनियम और तांबे के दाम?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत के साथ ही इंडस्ट्रियल डिमांड (औद्योगिक मांग) में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। जहां पिछले साल सोने और चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड बनाए थे, वहीं अब एल्युमीनियम और कॉपर भी उसी राह पर हैं।
एल्युमीनियम की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह चीन में इसके उत्पादन (स्मेल्टिंग) पर लगाए गए प्रतिबंध और यूरोप में बिजली की हाई कॉस्ट के कारण उत्पादन में आई कमी है। आपूर्ति (सप्लाई) में बाधा और रिन्यूएबल एनर्जी व अन्य प्रोजेक्ट्स से बढ़ती मांग के कारण एल्युमीनियम की वायदा कीमतें पिछले साल के मुकाबले 17 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। यह 2021 के बाद की सबसे बड़ी सालाना ग्रोथ है।
वहीं, तांबा (Copper) भी कम नहीं है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर इसकी कीमत 12,000 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई है। सप्लाई में बार-बार आने वाली दिक्कतों के कारण तांबा साल 2009 के बाद से अपने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के दौर से गुजर रहा है।
इन चीजों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
तांबा और एल्युमीनियम हमारे रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली चीजों के मुख्य कच्चे माल (Raw Materials) हैं। इनकी कीमतें बढ़ने से निम्नलिखित सामान महंगे हो सकते हैं:
एयर कंडीशनर और फ्रिज: AC और फ्रिज में कॉपर कॉइल्स और एल्युमीनियम फिन्स का भारी इस्तेमाल होता है। कच्चे माल की कीमत बढ़ने और नए BEE स्टार रेटिंग नियमों के कारण इनकी कीमतें 5 से 10 फीसदी तक बढ़ सकती हैं।
रसोई के उपकरण: मिक्सी, ग्राइंडर, जूसर और टोस्टर जैसे उपकरणों की मोटरों में तांबे के तारों का इस्तेमाल होता है। कंपनियां अब इनका दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं।
बर्तन और कुकवेयर: एल्युमीनियम और तांबे के बर्तनों की कीमतों में सीधा उछाल देखने को मिलेगा।
बाथरूम फिटिंग्स और बाथवेयर: नल, शावर और अन्य प्लंबिंग के सामान, जिनमें ब्रास (पीतल) और तांबा इस्तेमाल होता है, पहले ही 12% तक महंगे हो चुके हैं और अब इनके और महंगा होने के आसार हैं।
कंपनियों का क्या है कहना?
गोदरेज और ब्लू स्टार जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारियों का मानना है कि इनपुट कॉस्ट (लागत) में 8 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जब तक कच्चा माल सस्ता नहीं होता, तब तक कीमतों को स्थिर रखना मुश्किल है। जानकारों का कहना है कि एल्युमीनियम 3,000 डॉलर प्रति टन के पार चला गया है, जो तीन साल का उच्चतम स्तर है।
कुल मिलाकर, अगर आप खरीदारी टाल रहे थे, तो शायद अब सही समय है, क्योंकि आने वाले महीनों में ‘महंगाई का करंट’ आपके बजट को बिगाड़ सकता है।
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