IDBI Bank Q3 Performance: अगर आप शेयर बाजार में दिलचस्पी रखते हैं या बैंक शेयरों में निवेश करते हैं, तो आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) ने नए साल के आगाज के साथ ही एक ऐसी खबर दी है जिसने सबको हैरान कर दिया है। बैंक के कारोबार में दिसंबर तिमाही के दौरान ‘डबल डिजिट’ की शानदार ग्रोथ देखने को मिली है। इस खबर के बाहर आते ही बैंक के शेयरों ने ऐसी छलांग लगाई कि पिछले 11 सालों का रिकॉर्ड ही ध्वस्त हो गया।
बिजनेस में आई जबरदस्त तेजी
आईडीबीआई बैंक ने हाल ही में अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में जो आंकड़े पेश किए हैं, वे बैंक की मजबूत स्थिति को दर्शाते हैं। 31 दिसंबर, 2025 तक बैंक का कुल बिजनेस सालाना आधार पर 12 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 5.47 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। सबसे खास बात यह है कि बैंक ने कर्ज देने (Advances) और जमा राशि (Deposits) दोनों ही मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया है।
डिपॉजिट और एडवान्सेज के आंकड़े देख गदगद हुए निवेशक
बैंक द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक:
कुल डिपॉजिट: दिसंबर तिमाही में बैंक का टोटल डिपॉजिट बढ़कर 3.08 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
नेट एडवान्सेज: बैंक ने कर्ज बांटने के मामले में 15 फीसदी की सालाना ग्रोथ दर्ज की है, जो अब 2.39 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
CASA डिपॉजिट: बैंक का करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट 1.36 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें 4 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अभी प्रोविजनल (अस्थायी) हैं और ऑडिटर्स द्वारा इनका रिव्यू किया जाना बाकी है। बैंक जल्द ही अपनी तीसरी तिमाही के पूर्ण नतीजों का ऐलान करेगा।
11 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे शेयर
बैंक के इस दमदार प्रदर्शन का सीधा असर शेयर बाजार पर देखने को मिला। 2 जनवरी को आईडीबीआई बैंक के शेयरों में ‘पंख’ लग गए और यह 10.45 फीसदी की भारी बढ़त के साथ 114.60 रुपये पर बंद हुआ। यह पिछले 11 सालों में शेयर का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले एक साल के रिकॉर्ड को देखें तो इस शेयर ने अपने निवेशकों को लगभग 49 फीसदी का तगड़ा रिटर्न दिया है।
विनिवेश (Privatization) की आहट और सरकार का प्लान
आईडीबीआई बैंक की चर्चा सिर्फ इसके मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि इसके निजीकरण (Privatization) को लेकर भी बनी रहती है। केंद्र सरकार काफी समय से इस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रही है। आंकड़ों के अनुसार:
सरकार की हिस्सेदारी: 45.48 फीसदी
LIC की हिस्सेदारी: 49.24 फीसदी
कुल हिस्सेदारी: 94.71 फीसदी (दोनों को मिलाकर)
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) भी बैंक में अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। जानकारों का मानना है कि बैंक के सुधरते वित्तीय हालात और बढ़ते मुनाफे (सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट 39% बढ़ा था) की वजह से सरकार को अब बेहतर वैल्यूएशन मिल सकती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
बैंकिंग सेक्टर के जानकारों का मानना है कि जिस तरह से आईडीबीआई बैंक के एडवान्सेज में 15% की ग्रोथ हुई है, वह यह दर्शाता है कि बैंक की क्रेडिट क्वालिटी और मार्केट पकड़ मजबूत हो रही है। अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो बैंक की इस डिजिटल और बिजनेस ग्रोथ पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।
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