आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का तनाव और बिगड़ता लाइफस्टाइल महिलाओं की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं अपनी डाइट का तो ध्यान रखती हैं, लेकिन शरीर पोषक तत्वों को सही तरीके से सोख (absorb) नहीं पाता। नतीजा? हड्डियों में कमजोरी, खून की कमी और हर वक्त रहने वाली थकान।
अगर आप भी उन महिलाओं में से हैं जो हमेशा जल्दी में रहती हैं और अपनी सेहत को कुदरती तरीके से बेहतर बनाना चाहती हैं, तो आपकी रसोई में मौजूद ‘काली किशमिश’ आपकी किस्मत बदल सकती है। लेकिन रुकिए! इसे कच्चा खाने के बजाय अगर आप भिगोकर खाएं, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। आइए जानते हैं आखिर क्यों हर महिला को रोजाना भीगी हुई काली किशमिश खानी चाहिए।
आखिर क्या है काली किशमिश का जादू?
काली किशमिश असल में काले अंगूरों को सुखाकर तैयार की जाती है। ये छोटी सी दिखने वाली किशमिश पोषक तत्वों का पावरहाउस है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब हम इन्हें रात भर पानी में भिगोकर रखते हैं, तो इनके ऊपर की बाहरी परत नरम हो जाती है और शरीर इसके विटामिन्स और मिनरल्स को ज्यादा आसानी से सोख पाता है।
1. एनीमिया (खून की कमी) से छुटकारा
भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं एनीमिया यानी आयरन की कमी से जूझ रही हैं। काली किशमिश आयरन और विटामिन C का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। विटामिन C आयरन के अवशोषण (absorption) में मदद करता है। पीरियड्स के दौरान होने वाली कमजोरी या प्रेग्नेंसी के समय अगर महिलाएं भीगी किशमिश खाएं, तो यह हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाती है और एनर्जी बूस्ट करती है।
2. हार्मोनल इम्बैलेंस और PCOD में राहत
आजकल हार्मोनल असंतुलन, PCOD और PMS (पीरियड्स से पहले का तनाव) एक आम समस्या बन गई है। काली किशमिश में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जो हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद करते हैं। अगर आप बार-बार बदलते मूड (mood swings) या पीरियड्स के दर्द से परेशान हैं, तो भीगी हुई काली किशमिश का सेवन आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है।
3. चमकती त्वचा और जवां लुक
महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से बेहतर है कि आप अंदरूनी तौर पर अपनी त्वचा का ख्याल रखें। काली किशमिश में भरपूर मात्रा में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। ये खून से टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालने का काम करते हैं, जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है। साथ ही, यह फ्री रेडिकल्स से लड़ती है, जिससे उम्र से पहले चेहरे पर आने वाली झुर्रियां और फाइन लाइन्स कम होती हैं।
4. पेट फूलने और कब्ज की छुट्टी
खराब डाइजेशन की वजह से अक्सर महिलाओं को ब्लोटिंग (पेट फूलना) और कब्ज की शिकायत रहती है। भिगोने के बाद किशमिश का फाइबर सॉफ्ट हो जाता है, जो पेट के लिए ‘नेचुरल लैक्सेटिव’ का काम करता है। सुबह खाली पेट इसे खाने से मल त्याग आसान होता है और आपका मेटाबॉलिज्म भी बेहतर रहता है।
5. लोहे जैसी मजबूत हड्डियां
बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में हड्डियों का घनत्व (bone density) कम होने लगता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। काली किशमिश में कैल्शियम के साथ-साथ ‘बोरोन’ और पोटैशियम भी पाया जाता है। बोरोन हड्डियों के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। रोजाना इसका सेवन आपकी हड्डियों को मजबूत बनाता है और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है।
6. शुगर क्रेविंग्स पर लगाम और वेट लॉस
दोपहर या शाम के वक्त अचानक कुछ मीठा खाने का मन करता है? अनहेल्दी चॉकलेट या मिठाई खाने के बजाय 5-6 भीगी काली किशमिश खाएं। यह न केवल आपकी शुगर क्रेविंग को शांत करती है, बल्कि इसमें मौजूद फाइबर आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। इससे आप फालतू कैलोरी लेने से बच जाते हैं और वजन घटाने में मदद मिलती है।
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