अमेरिका से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया में अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने एक बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान 30 भारतीय नागरिकों सहित कुल 49 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी लोग अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे थे और कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस (CDL) का इस्तेमाल कर बड़े-बड़े सेमी-ट्रक चला रहे थे।
अमेरिकी प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद वहां रह रहे प्रवासियों के बीच खलबली मच गई है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों इन लोगों पर शिकंजा कसा गया।
कैसे पकड़े गए ये लोग?
CBP की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ‘एल सेंट्रो सेक्टर’ के एजेंटों द्वारा की गई है। 23 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच इंडियो स्टेशन के एजेंटों ने हाईवे 86 और 111 पर इमिग्रेशन चेकपॉइंट्स पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कुल 42 लोग पकड़े गए जो सेमी-ट्रक चला रहे थे, जिनमें से अकेले 30 लोग भारत के रहने वाले थे।
भारतीयों के अलावा पकड़े गए लोगों में चीन, रूस, मैक्सिको, यूक्रेन, और तुर्की जैसे देशों के नागरिक भी शामिल हैं।
‘ऑपरेशन हाईवे सेंटिनल’: कंपनियों पर सीधा निशाना
सिर्फ हाईवे ही नहीं, बल्कि पुलिस ने उन कंपनियों को भी निशाने पर लिया है जो अवैध प्रवासियों को नौकरी पर रख रही थीं। 10 और 11 दिसंबर को ‘ऑपरेशन हाईवे सेंटिनल’ नाम से एक बड़ा अभियान चलाया गया। यह अभियान ओंटारियो और फॉन्टाना जैसे इलाकों में ट्रकिंग कंपनियों के ठिकानों पर चला।
इस दो दिवसीय अभियान में होमलैंड सिक्योरिटी ने भी हिस्सा लिया। पुलिस का मुख्य उद्देश्य हाल ही में हुए उन घातक सड़क हादसों को रोकना है, जिनमें अवैध रूप से लाइसेंस हासिल करने वाले ट्रक ड्राइवरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
39 लाइसेंस और 11 राज्य: सुरक्षा में बड़ी चूक?
जांच में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है। गिरफ्तार किए गए इन लोगों के पास कुल 39 कमर्शियल लाइसेंस मिले। इनमें से 31 लाइसेंस अकेले कैलिफोर्निया राज्य ने जारी किए थे। इसके अलावा फ्लोरिडा, न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, वॉशिंगटन और ओहियो जैसे 10 अन्य राज्यों से भी इन्हें लाइसेंस जारी हुए थे।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये लोग इन ट्रकों को चलाने के हकदार ही नहीं थे, क्योंकि ये देश में अवैध रूप से दाखिल हुए थे।
अधिकारियों ने जताई गहरी चिंता
एल सेंट्रो सेक्टर के कार्यवाहक चीफ पेट्रोल एजेंट जोसेफ रेमेनार ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, “ये गिरफ्तारियां सीमा पर जारी संकट और उससे पैदा होने वाले खतरों का सबूत हैं। जिन राज्यों ने इन अवैध प्रवासियों को लाइसेंस जारी किए, वे हाल के हादसों के लिए सीधे जिम्मेदार हैं।” उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी जनता की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
दरअसल, अमेरिका में पिछले कुछ समय में सेमी-ट्रकों से हुए भीषण सड़क हादसों में बढ़ोतरी हुई है। जांच में पता चला कि कई मामलों में ड्राइवर ऐसे थे जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे या जिन्होंने गलत तरीके से लाइसेंस हासिल किए थे। इसी को देखते हुए प्रशासन अब कमर्शियल परिवहन क्षेत्र में नियमों को लेकर बेहद सख्त हो गया है।
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