रोहतक: पेरिस ओलंपिक 2024 में दो-दो मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली भारत की स्टार शूटर मनु भाकर एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वजह कोई शूटिंग रेंज नहीं, बल्कि पढ़ाई का मैदान है। अपनी सटीक निशानेबाजी से दुनिया को लोहा मनवाने वाली मनु ने अब मैनेजमेंट की बारीकियां सीखने का फैसला किया है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM रोहतक (Indian Institute of Management Rohtak) में दाखिला लिया है।
शूटिंग की चैंपियन अब बनेंगी मैनेजमेंट गुरु
जी हां, आपने सही सुना! मनु भाकर ने IIM रोहतक के स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (ePGDSM) कोर्स में एडमिशन लिया है। यह एक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स है जो खास तौर पर स्पोर्ट्स प्रोफेशनल्स और एग्जीक्यूटिव्स के लिए डिजाइन किया गया है। 18 दिसंबर को संस्थान ने इस 16 महीने के प्रोग्राम के सातवें बैच का स्वागत किया, जिसमें मनु भाकर मुख्य आकर्षण रहीं। इस कोर्स में मनु के साथ-साथ कई अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कामकाजी पेशेवर और खेल प्रेमी भी पढ़ाई करेंगे।
कैसे मिला IIM में एडमिशन?
IIM जैसे बड़े संस्थान में दाखिला पाना कोई आसान काम नहीं है, चाहे आप ओलंपिक विजेता ही क्यों न हों। मनु भाकर ने बताया कि उन्होंने संस्थान की सभी कड़ी प्रक्रियाओं को पूरा किया है। इसमें लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और अन्य जरूरी मानदंडों को पार करने के बाद ही उन्हें यह सीट मिली है।
अपनी इस नई पारी पर खुशी जाहिर करते हुए मनु ने कहा:
“पढ़ाई हमेशा से मेरी रुचि का विषय रही है। स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसा कोर्स एक खिलाड़ी को खेल के पीछे के विज्ञान और बारीकियों को समझने में बहुत मदद करता है। IIM रोहतक शिक्षा के उच्चतम मानकों के लिए जाना जाता है, इसलिए मैंने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट सीखने के लिए इसी संस्थान को चुना।”
खेल जगत के दिग्गजों की मौजूदगी
इंडक्शन प्रोग्राम के दौरान माहौल काफी उत्साहजनक रहा। इस समारोह में पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, अंतरराष्ट्रीय कोच और सांसद श्याम सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।
क्यों खास है यह कोर्स?
IIM रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा ने इस दौरान संस्थान के बड़े विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कुशल और नैतिक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल्स की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ePGDSM कोर्स स्पोर्ट्स मार्केटिंग, फाइनेंस, इवेंट मैनेजमेंट, कानूनी ढांचे और गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यवस्थित शिक्षा प्रदान करता है।
जैसे-जैसे भारत में खेलों का उद्योग बढ़ रहा है और अधिक संगठित हो रहा है, इन कौशलों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। मनु भाकर जैसी एथलीट का इस क्षेत्र में आना भविष्य के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा कि वे खेल के साथ-साथ करियर के अन्य पहलुओं पर भी ध्यान दें।
मैदान से क्लासरूम तक का सफर
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीतकर पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा किया था। वह एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनी थीं। अब खेल के मैदान में सफलता के झंडे गाड़ने के बाद, क्लासरूम में उनकी यह नई शुरुआत दिखाती है कि वह अपनी स्किल्स को और बेहतर बनाने के लिए कितनी गंभीर हैं।
सोशल मीडिया पर भी फैंस मनु के इस फैसले की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मनु ने साबित कर दिया है कि एक खिलाड़ी केवल मैदान तक सीमित नहीं होता, वह शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े मुकाम हासिल कर सकता है।
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